
शिक्षा से संबंधित संसदीय समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से ‘पेपर लीक’ की स्पष्ट परिभाषा बताने को कहा है। समिति का मानना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों और अनियमितताओं के मामलों में एक स्पष्ट और मानक परिभाषा होना आवश्यक है, ताकि किसी भी घटना का वस्तुनिष्ठ आकलन किया जा सके।
समिति ने यह जानने की भी कोशिश की है कि किन परिस्थितियों को आधिकारिक रूप से ‘पेपर लीक’ माना जाता है और ऐसी घटनाओं की पहचान एवं जांच के लिए क्या मानक प्रक्रिया अपनाई जाती है। हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के मद्देनजर यह मुद्दा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से OSM (On-Screen Marking) प्रणाली को लेकर भी जवाब मांगा गया है। समिति ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता, सटीकता और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर जानकारी तलब की है।
संसदीय समिति का उद्देश्य परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और छात्रहितैषी बनाना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी समीक्षा से परीक्षा तंत्र में सुधार और छात्रों का विश्वास मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
अब NTA और CBSE की ओर से दिए जाने वाले जवाबों पर नजर रहेगी, क्योंकि समिति की सिफारिशें भविष्य में परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था से जुड़े नीतिगत बदलावों का आधार बन सकती हैं।



