महिलाओं में हार्ट अटैक के अलग संकेत

Heart Attack को लेकर आम धारणा है कि इसके दौरान सीने में तेज दर्द होता है, लेकिन महिलाओं में इसके लक्षण कई बार पुरुषों से अलग दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यही कारण है कि कई मामलों में हार्ट अटैक की पहचान समय पर नहीं हो पाती और उपचार में देरी हो सकती है।
पुरुषों में हार्ट अटैक का सबसे सामान्य लक्षण सीने में दबाव या दर्द माना जाता है। वहीं महिलाओं में सीने के दर्द के अलावा असामान्य थकान, सांस फूलना, मतली, चक्कर आना, पीठ, गर्दन, कंधे या जबड़े में दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। कई बार ये संकेत इतने सामान्य लगते हैं कि उन्हें गैस, अपच या तनाव समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, मेनोपॉज, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा और तनाव जैसे कारक हृदय रोगों के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हृदय रोगों का खतरा अपेक्षाकृत बढ़ जाता है।
कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण कम स्पष्ट होने के कारण मरीज स्वयं और कभी-कभी स्वास्थ्यकर्मी भी शुरुआत में स्थिति की गंभीरता को पहचान नहीं पाते। इसलिए असामान्य शारीरिक संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना भी जरूरी है।
यदि अचानक सांस लेने में परेशानी, सीने में दबाव, अत्यधिक कमजोरी, ठंडा पसीना या शरीर के ऊपरी हिस्से में असामान्य दर्द महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। हार्ट अटैक के मामलों में समय पर इलाज जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या आपात स्थिति में तुरंत योग्य चिकित्सक से संपर्क करें।



