भारत को वैभवशाली बनाना RSS का मूल ध्येय, सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने बताया मिशन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा है कि भारत को वैभवशाली, सशक्त और संगठित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना संघ का मूल ध्येय है। उन्होंने कहा कि संगठन अपने स्थापना काल से ही समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करता रहा है।
रामदत्त चक्रधर ने अपने संबोधन में कहा कि संघ का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की उन्नति समाज की एकजुटता और नागरिकों के सक्रिय योगदान से ही संभव है।
उन्होंने बताया कि संघ विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्यों, शिक्षा, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के बीच कार्य करता है। उनका कहना था कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सह सरकार्यवाह ने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज सेवा और सकारात्मक बदलाव के प्रयासों में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने संगठन की विचारधारा और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि संघ का प्रयास समाज को संगठित कर राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है।
विशेषज्ञों का मानना है कि RSS देश के सबसे बड़े सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों में से एक है और उसके नेताओं के ऐसे वक्तव्य संगठन की दीर्घकालिक सोच और प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सहभागिता और विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।



