टॉयलेट में भूलकर भी न डालें ये 5 चीजें

टॉयलेट की सफाई और रखरखाव के लिए कई लोग घरेलू उपाय अपनाते हैं, लेकिन कुछ तरीके फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टॉयलेट सीट या कमोड में सीधे खौलता हुआ पानी डालना सही नहीं है। अत्यधिक गर्म पानी से पोर्सिलेन में महीन दरारें पड़ सकती हैं और पुराने पाइप या सीलिंग सिस्टम को भी नुकसान पहुंच सकता है। खासतौर पर सर्द मौसम में तापमान का अचानक बदलाव कमोड की सतह पर असर डाल सकता है।
खौलते पानी के अलावा ब्लीच और अमोनिया जैसे केमिकल्स को एक साथ मिलाकर भी टॉयलेट में नहीं डालना चाहिए। इन दोनों के मिश्रण से जहरीली गैस बन सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होती है। इसी तरह पेंट, सॉल्वेंट या अन्य रासायनिक पदार्थों को भी टॉयलेट में फ्लश करने से बचना चाहिए, क्योंकि ये पाइपलाइन और सीवेज सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि तेल और चिकनाई वाली चीजों को टॉयलेट में न डालें। ठंडा होने पर ये पाइप के अंदर जम सकती हैं और ब्लॉकेज का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा वेट वाइप्स, कॉटन बड्स, सैनिटरी प्रोडक्ट्स और अन्य नॉन-फ्लशेबल वस्तुएं भी टॉयलेट जाम होने की बड़ी वजह बनती हैं।
टॉयलेट की सफाई के लिए गुनगुना पानी, उपयुक्त क्लीनर और नियमित देखभाल सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं। यदि किसी जिद्दी दाग या बदबू की समस्या हो, तो विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उत्पादों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। सही सफाई के तरीके अपनाकर आप टॉयलेट और प्लंबिंग सिस्टम दोनों की उम्र बढ़ा सकते हैं।



