Dhumavati Jayanti 2026: 22 जून को धूमावती जयंती, कथा और महिमा

धूमावती जयंती (Dhumavati Jayanti) हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं में से एक मां धूमावती को समर्पित विशेष पर्व है, जिसे 22 जून 2026 को मनाया जाएगा। मां धूमावती को तंत्र साधना और वैराग्य की देवी माना जाता है, जिनका स्वरूप अत्यंत रहस्यमयी और गंभीर बताया जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां धूमावती का स्वरूप उस समय प्रकट हुआ जब देवी पार्वती ने भगवान शिव से अलग होकर एक विशेष रूप धारण किया। उनका यह स्वरूप जीवन के त्याग, वैराग्य और सांसारिक मोह-माया से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है।
धूमावती माता का धाम और उनकी उपासना विशेष रूप से तांत्रिक साधना में महत्वपूर्ण मानी जाती है। कहा जाता है कि उनकी आराधना से साधक को ज्ञान, वैराग्य और आत्म-नियंत्रण की प्राप्ति होती है, लेकिन यह साधना अत्यंत सावधानी और विधि-विधान के साथ की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धूमावती जयंती का दिन आत्मचिंतन और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसमें भक्त माता की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं।



