Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी व्रत कब है? जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि

Nirjala Ekadashi हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी एकादशी मानी जाती है। इसे भीम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की उपासना की जाती है। कहा जाता है कि जो श्रद्धालु वर्ष भर की सभी एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते, उन्हें केवल निर्जला एकादशी का व्रत करने से सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त हो सकता है।
2026 में निर्जला एकादशी 28 मई 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी। द्वादशी तिथि में अगले दिन पारण किया जाएगा। व्रत और पारण का सटीक समय स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार महाभारत काल में Bhima ने महर्षि व्यास से ऐसा व्रत बताया जाने का अनुरोध किया था, जिसे करने से सभी एकादशियों का फल मिल सके। तब उन्हें निर्जला एकादशी का व्रत बताया गया। इसी कारण इसे भीम एकादशी भी कहा जाता है।
मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से भगवान Vishnu की विशेष कृपा प्राप्त होती है, पापों का क्षय होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन दान, जप, तप और जरूरतमंदों को जल व अन्न का दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।



