यूपी में अवैध इमारतों को भी देना होगा बिजली कनेक्शन? सर्टिफाइड नक्शे पर बिजली विभाग की नई व्यवस्था

उत्तर प्रदेश में भवनों को बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया को लेकर नई व्यवस्था सामने आई है। इसके तहत यदि आवेदक निर्धारित नियमों के अनुसार सर्टिफाइड नक्शा और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराता है, तो बिजली विभाग को नियमानुसार बिजली कनेक्शन जारी करना होगा। इस व्यवस्था ने अवैध निर्माण और बिजली आपूर्ति से जुड़े नियमों पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विद्युत कनेक्शन प्रदान करना और भवन की वैधता तय करना अलग-अलग विषय हैं। विभाग का दायित्व विद्युत आपूर्ति से जुड़े नियमों के अनुसार आवेदन का निस्तारण करना है, जबकि भवन की वैधता की जांच और अवैध निर्माण पर कार्रवाई संबंधित विकास प्राधिकरण या स्थानीय निकाय के अधिकार क्षेत्र में आती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली कनेक्शन दिए जाने का अर्थ किसी भवन को कानूनी मान्यता मिलना नहीं है। यदि किसी भवन में निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य पात्र आवेदकों को समय पर बिजली उपलब्ध कराना और आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। वहीं, अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक और विकास प्राधिकरणों के पास ही बनी रहेगी।



