यूपी में डेढ़ लाख नए बैंकिंग केंद्र

उत्तर प्रदेश में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा विस्तार हुआ है। पिछले दो वर्षों में करीब डेढ़ लाख बैंकिंग केंद्र बढ़ने के बाद अब प्रदेश के लोगों को औसतन हर आधा किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को बैंकिंग सुविधाओं तक आसान पहुंच मिल रही है।
सरकार और बैंकिंग संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से नकद निकासी, जमा, आधार आधारित बैंकिंग, धन हस्तांतरण, पेंशन वितरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों, महिलाओं और उन लोगों को मिल रहा है, जिन्हें पहले बैंक शाखा तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ने से सरकारी योजनाओं का लाभ भी तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग केंद्रों के इस विस्तार से प्रदेश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा, नकदी पर निर्भरता कम होगी और वित्तीय सेवाओं का दायरा पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यापक होगा।



