धर्म-आस्था

आज है वट पूर्णिमा व्रत

वट पूर्णिमा व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं तथा व्रत रखती हैं। यह व्रत माता सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ा हुआ माना जाता है।

पूजा के दौरान महिलाएं स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं, वट वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करती हैं और रोली, अक्षत, पुष्प, फल तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित करती हैं। इसके बाद वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत या धागा लपेटकर परिक्रमा की जाती है और सावित्री-सत्यवान व्रत कथा का श्रवण या पाठ किया जाता है। अंत में परिवार की सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना की जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन क्रोध, असत्य, विवाद, अपशब्द और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। कई परंपराओं में सात्विक भोजन, संयम और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों में व्रत और पूजा की परंपराओं में कुछ भिन्नताएं देखने को मिल सकती हैं।

अस्वीकरण: यह जानकारी धार्मिक ग्रंथों, लोक परंपराओं और प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों और संप्रदायों में पूजा-विधि एवं नियम अलग हो सकते हैं।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button