टेस्टिकल्स में दिखें ये 8 लक्षण तो रहें सतर्क

टेस्टिकुलर कैंसर अपेक्षाकृत दुर्लभ है, लेकिन 15 से 40 वर्ष के पुरुषों में यह सबसे सामान्य कैंसरों में से एक माना जाता है। अच्छी बात यह है कि यदि इसकी पहचान शुरुआती चरण में हो जाए, तो इसका इलाज अक्सर सफल रहता है। इसलिए टेस्टिकल्स में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इन लक्षणों पर विशेष ध्यान दें:
- टेस्टिकल में बिना दर्द या दर्द के साथ गांठ (लंप) महसूस होना।
- एक टेस्टिकल का आकार या आकृति बदलना।
- अचानक सूजन या भारीपन महसूस होना।
- टेस्टिकल या अंडकोश में लगातार दर्द या असहजता।
- निचले पेट, कमर या जांघ के आसपास दर्द।
- अंडकोश में तरल पदार्थ का अचानक जमा होना।
- एक टेस्टिकल का सामान्य से अधिक कठोर महसूस होना।
- कुछ मामलों में स्तनों में दर्द, सूजन या संवेदनशीलता (हार्मोनल बदलाव के कारण)।
इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता। संक्रमण, चोट, हाइड्रोसील, वैरिकोसील या अन्य कारणों से भी ऐसे बदलाव हो सकते हैं। लेकिन यदि कोई गांठ, सूजन, दर्द या आकार में बदलाव दो सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे, तो जल्द से जल्द यूरोलॉजिस्ट या डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
विशेषज्ञ पुरुषों को समय-समय पर टेस्टिकुलर सेल्फ-एग्जामिनेशन (स्वयं जांच) की सलाह भी देते हैं, ताकि किसी भी नए बदलाव का जल्दी पता चल सके। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।



