ईयरवैक्स ड्रॉप्स से बढ़ सकती है समस्या? डॉक्टर ने बताए कारण

ईएनटी विशेषज्ञों के अनुसार, कान का मैल (Earwax) सामान्य रूप से कान की सुरक्षा करता है और हर व्यक्ति को इसे नियमित रूप से निकालने की आवश्यकता नहीं होती। ईयरवैक्स सॉफ्ट करने वाली ड्रॉप्स का उद्देश्य मैल को नरम करना होता है, लेकिन यदि पहले से कान में बहुत अधिक मैल जमा हो, ड्रॉप्स का बार-बार या गलत तरीके से उपयोग किया जाए, या कान में संक्रमण अथवा पर्दे (ईयरड्रम) में छेद हो, तो समस्या बढ़ सकती है। कुछ मामलों में नरम हुआ मैल और अंदर की ओर खिसककर कान बंद होने का एहसास, सुनने में कमी या असुविधा पैदा कर सकता है।
ईयरवैक्स ड्रॉप्स इस्तेमाल करते समय ये 5 गलतियां न करें
- बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक या बार-बार ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें।
- कॉटन बड, हेयरपिन या नुकीली चीजों से कान साफ करने की कोशिश न करें।
- यदि कान में तेज दर्द, मवाद, खून या ईयरड्रम फटने का संदेह हो तो ड्रॉप्स बिल्कुल न डालें।
- ड्रॉप्स डालने के बाद समस्या बनी रहे या सुनाई कम दे, तो स्वयं इलाज जारी रखने की बजाय ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराएं।
- किसी दूसरे व्यक्ति की दवा या एक्सपायरी ड्रॉप्स का उपयोग न करें।
यदि कान में लगातार दर्द, सुनने में कमी, चक्कर, दुर्गंधयुक्त स्राव या बार-बार वैक्स जमने की समस्या हो, तो ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है। सही निदान के बाद आवश्यकता होने पर डॉक्टर विशेष उपकरणों से सुरक्षित तरीके से ईयरवैक्स निकाल सकते हैं।



