धर्म-आस्था
कार्तिकेय ने तारकासुर का वध क्यों किया? शिव पुराण की कथा


Lord Kartikeya से जुड़ी तारकासुर वध की कथा Shiv Purana में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, तारकासुर को ब्रह्मा जी से यह वरदान प्राप्त था कि उसका वध केवल शिव के पुत्र द्वारा ही संभव होगा, जिसके कारण वह देवताओं और मानवों के लिए अत्यंत शक्तिशाली और अत्याचारी बन गया था।
देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय का जन्म हुआ, जिन्हें विशेष रूप से इस दैत्य के विनाश के लिए तैयार किया गया। इसके बाद युद्ध में कार्तिकेय ने तारकासुर का वध कर देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई और धर्म की पुनर्स्थापना की।
इस कथा का संदेश यह माना जाता है कि जब भी अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब दिव्य शक्ति किसी न किसी रूप में उसका अंत कर संतुलन और धर्म की स्थापना करती है।