वृंदावन योजना भ्रष्टाचार: पूर्व संपत्ति प्रबंधक से ₹83.40 लाख की वसूली, पेंशन आधी

वृंदावन योजना में भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए गए पूर्व संपत्ति प्रबंधक के खिलाफ शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 83.40 लाख रुपये की वसूली और पेंशन में 50 प्रतिशत की कटौती का आदेश जारी किया है। विभागीय जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने अपने पद पर रहते हुए वित्तीय नियमों और विभागीय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने दोष तय करते हुए आर्थिक दंड और पेंशन संबंधी कार्रवाई को मंजूरी दी।
बताया जा रहा है कि वृंदावन योजना से जुड़े मामलों की लंबे समय से जांच चल रही थी। जांच समिति ने दस्तावेजों, अभिलेखों और संबंधित अधिकारियों के बयानों का परीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पूर्व संपत्ति प्रबंधक की भूमिका को गंभीर माना गया। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने सरकारी धन की भरपाई के लिए 83.40 लाख रुपये की वसूली का निर्णय लिया। साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन में 50 प्रतिशत की स्थायी कटौती का आदेश भी जारी किया गया।
इस कार्रवाई को सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इससे सरकारी विभागों में जवाबदेही बढ़ेगी और कर्मचारियों को यह संदेश मिलेगा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या पद के दुरुपयोग पर कानून के अनुसार कार्रवाई से बचना संभव नहीं है। शासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ आम जनता तक पहुंचे और सरकारी संसाधनों का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किया जाए।



