डुप्लीकेट वोटरों पर चुनाव आयोग की कार्रवाई शुरू, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों से बने मतदाताओं के नाम हटेंगे

मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से डुप्लीकेट मतदाताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत उन मामलों की जांच की जा रही है, जिनमें किसी व्यक्ति का नाम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से मतदाता सूची में दर्ज होने की आशंका है।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, ऐसे सभी आवेदनों का रिकॉर्ड मिलान (वेरिफिकेशन) किया जाएगा। यदि जांच में किसी मतदाता का दोहरा पंजीकरण पाया जाता है, तो चुनावी नियमों के अनुरूप डुप्लीकेट प्रविष्टि को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का केवल एक ही वैध मतदाता पंजीकरण रहे।
यह अभियान मतदाता सूची के नियमित पुनरीक्षण और शुद्धिकरण प्रक्रिया का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नाम को हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक जांच और सत्यापन किया जाएगा, ताकि किसी पात्र मतदाता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए विशेष अभियान चलाता है। नागरिकों से भी अपील की जाती है कि वे अपने मतदाता विवरण की जांच करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि या दोहरा पंजीकरण दिखाई दे, तो उसे समय रहते संबंधित निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से ठीक कराएं।



