
भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ गया है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें जर्सी का रंग बदलने के फैसले की पहले से जानकारी नहीं थी। उन्होंने हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड से इस फैसले को लेकर जवाब मांगा है।
दरअसल, भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह आगामी एफआईएच हॉकी विश्व कप के लिए भगवा (सैफ्रन) रंग की जर्सी को लेकर घोषणा की गई है। इस बदलाव के बाद पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच बहस शुरू हो गई।
दिलीप टिर्की ने स्पष्ट किया कि मुद्दा जर्सी के रंग का नहीं, बल्कि फैसले की प्रक्रिया का है। उनका कहना है कि ऐसे महत्वपूर्ण निर्णयों में निर्वाचित नेतृत्व और बोर्ड के सदस्यों से चर्चा होनी चाहिए थी।
हॉकी इंडिया की ओर से जर्सी बदलाव के पीछे खेल से जुड़ा कारण बताया गया है। संगठन का कहना है कि आधुनिक नीले टर्फ पर नीली जर्सी खिलाड़ियों को पहचानने में परेशानी पैदा कर सकती है, इसलिए बेहतर दृश्यता के लिए रंग में बदलाव किया गया।
हालांकि, भारतीय हॉकी की पहचान रही नीली जर्सी से भावनात्मक जुड़ाव के कारण यह फैसला चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर हॉकी इंडिया बोर्ड की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर है।



