हरियाली तीज पर शिव-पार्वती की स्थापना के वास्तु नियम, जानें सही दिशा और पूजा विधि

हरियाली तीज हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसमें महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं। इस दिन माता पार्वती से अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान शिव-पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर की स्थापना करते समय कुछ वास्तु नियमों का ध्यान रखा जाता है।
शिव-पार्वती की स्थापना के लिए सही दिशा
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पूजा स्थल के लिए उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिशा में पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
अगर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थान उपलब्ध न हो, तो घर के किसी साफ और शांत स्थान पर भी पूजा की जा सकती है।
प्रतिमा रखते समय इन बातों का रखें ध्यान
- शिव-पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर को साफ और ऊंचे स्थान पर रखें।
- प्रतिमा को जमीन पर सीधे न रखें।
- पूजा स्थल के आसपास स्वच्छता बनाए रखें।
- टूटी हुई या खंडित प्रतिमा का पूजन न करने की मान्यता है।
- पूजा के समय मन को शांत और एकाग्र रखें।
हरियाली तीज पूजा में क्या अर्पित करें?
- बेलपत्र
- फूल
- फल
- धूप-दीप
- जल
- श्रृंगार सामग्री (माता पार्वती को अर्पित करने के लिए)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना की जाती है।
वास्तु नियमों को धार्मिक आस्था और परंपराओं के रूप में देखा जाता है। पूजा का सबसे महत्वपूर्ण भाव श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक सोच माना जाता है।



