
उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित अन्नपूर्णा भवन योजना को कई जगहों पर जमीन की उपलब्धता की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। गौतमबुद्धनगर और गोरखपुर समेत कुछ शहरों में सड़क किनारे सरकारी जमीन नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
अन्नपूर्णा भवनों का उद्देश्य लोगों को राशन और जनसुविधाओं से जुड़ी सेवाएं एक बेहतर और व्यवस्थित स्थान पर उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रशासन की ओर से उपयुक्त सरकारी भूमि की तलाश की जा रही है।
जमीन उपलब्ध न होने से बढ़ी परेशानी
योजना के तहत भवन निर्माण के लिए ऐसी जगहों को प्राथमिकता दी जाती है जहां आम लोगों की पहुंच आसान हो। लेकिन कई शहरी क्षेत्रों में सड़क किनारे या प्रमुख स्थानों पर सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने से प्रस्ताव अटक गए हैं।
प्रशासन कर रहा वैकल्पिक व्यवस्था
अधिकारियों की ओर से अन्य सरकारी जमीनों की पहचान करने और उपयुक्त स्थान तलाशने की प्रक्रिया जारी है, ताकि योजना को गति दी जा सके।
योजना का उद्देश्य
अन्नपूर्णा भवनों के जरिए:
- राशन वितरण को अधिक व्यवस्थित बनाना
- लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं देना
- सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान करना
शामिल है।
भूमि की उपलब्धता किसी भी सार्वजनिक निर्माण परियोजना के लिए अहम होती है। ऐसे में अन्नपूर्णा भवन योजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन को जल्द वैकल्पिक जमीन चिन्हित करनी होगी।



