Blood Sugar Control: सिर्फ मीठा छोड़ना काफी नहीं, एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका

अक्सर जब किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर बढ़ता है, तो सबसे पहले वह चीनी, मिठाई और मीठे पेय पदार्थों को अपनी डाइट से हटा देता है। यह कदम निश्चित रूप से फायदेमंद हो सकता है, लेकिन सिर्फ मीठा छोड़ देना ही ब्लड शुगर को नियंत्रित करने का पूरा तरीका नहीं है। शरीर में ग्लूकोज का स्तर कई दूसरे कारकों से भी प्रभावित होता है।
दरअसल, भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट पाचन के बाद ग्लूकोज में बदलते हैं। इसलिए केवल टेबल शुगर या मिठाइयों पर ध्यान देने के बजाय यह समझना जरूरी है कि रोजाना की डाइट में कितनी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट लिया जा रहा है। चावल, रोटी, ब्रेड, आलू और कई अन्य खाद्य पदार्थ भी शरीर के ब्लड ग्लूकोज को प्रभावित कर सकते हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार ब्लड शुगर मैनेजमेंट में खाने की मात्रा और भोजन का संतुलन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्लेट में सब्जियां, प्रोटीन और उचित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट शामिल करने से भोजन को अधिक संतुलित बनाया जा सकता है। वहीं अत्यधिक प्रोसेस्ड और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना बेहतर माना जाता है।
सिर्फ खान-पान ही नहीं, शारीरिक गतिविधि भी ब्लड शुगर कंट्रोल का अहम हिस्सा है। नियमित वॉक, एक्सरसाइज या व्यक्ति की क्षमता के अनुसार अन्य शारीरिक गतिविधियां शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता और ग्लूकोज इस्तेमाल करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
इसके अलावा नींद, तनाव और रोजमर्रा की जीवनशैली भी ब्लड शुगर पर असर डाल सकती है। लंबे समय तक तनाव और खराब नींद जैसी आदतें मेटाबॉलिक हेल्थ को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए शुगर कंट्रोल के लिए एक साथ कई पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।
हालांकि, हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है। डायबिटीज या लगातार बढ़े हुए ब्लड शुगर वाले लोगों को अपनी दवाओं या डाइट में बड़े बदलाव खुद से नहीं करने चाहिए। डॉक्टर या योग्य डायटीशियन की सलाह के अनुसार भोजन, व्यायाम और उपचार की योजना बनाना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।
इसलिए अगर आप ब्लड शुगर कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो सिर्फ यह सोचना कि ‘मैंने चीनी छोड़ दी, अब शुगर कंट्रोल हो जाएगी’ पूरी तस्वीर नहीं है। बेहतर नतीजों के लिए संतुलित भोजन, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा, नियमित शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह—इन सभी पर ध्यान देना जरूरी है।



