यूपी में प्रशस्त 2.0 एप से होगी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग

उत्तर प्रदेश के स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और स्क्रीनिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशस्त 2.0 एप का इस्तेमाल किया जाएगा। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों की शुरुआती स्क्रीनिंग में मदद मिलेगी।
स्क्रीनिंग प्रक्रिया को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए शिक्षकों को प्रशस्त 2.0 एप पर उपलब्ध संवेदीकरण और प्रशिक्षण वीडियो देखने होंगे। इसका उद्देश्य शिक्षकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के संकेतों और जरूरतों को समझने में सक्षम बनाना है।
प्रशस्त एप को विद्यालय स्तर पर शुरुआती पहचान और स्क्रीनिंग के लिए तैयार किया गया है। यह शिक्षकों को ऐसे विद्यार्थियों की पहचान करने में सहायता करता है, जिन्हें आगे विशेषज्ञ मूल्यांकन या अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता हो सकती है।
इस पहल से स्कूलों में समावेशी शिक्षा को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। समय रहते विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान होने पर उनकी जरूरत के अनुसार शैक्षणिक सहयोग और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
प्रशस्त 2.0 के माध्यम से स्क्रीनिंग प्रक्रिया को डिजिटल और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है। शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से स्कूल स्तर पर बच्चों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने और उन्हें उपयुक्त सहयोग से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।



