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Chirmi Folk Song: राजस्थान की बेटियों के पीहर की याद का गीत

राजस्थान की लोक संस्कृति में ऐसे कई गीत हैं, जिनमें महिलाओं के जीवन और उनकी भावनाओं की झलक मिलती है। ‘चिरमी’ भी ऐसा ही पारंपरिक लोकगीत है, जिसमें एक नवविवाहिता के मन में अपने पीहर की याद और पिता-भाई से मिलने की तड़प को स्वर दिया गया है।

 इस गीत की सबसे खास बात इसका चिरमी पौधे से जुड़ाव है। लोक परंपरा में नववधू चिरमी के पौधे को अपनी सखी या सहेली की तरह संबोधित करती है और उसके माध्यम से अपने मन की बात कहती है। पौधा उसके अकेलेपन और पीहर की याद का प्रतीक बन जाता है।

शादी के बाद जब बेटी ससुराल पहुंचती है तो अपने माता-पिता और भाई से दूर होने का एहसास उसे भावुक कर देता है। ‘चिरमी’ गीत में यही भाव दिखाई देता है। वह अपने पिता यानी बाबोसा और भाई यानी बीरो सा के आने की बाट जोहती है और मायके लौटने की इच्छा जाहिर करती है।

 चिरमी के पौधे को लेकर लोक मान्यताओं और गीत की अलग-अलग प्रस्तुतियों में कुछ भिन्न विवरण मिलते हैं, लेकिन इसका मूल भाव एक ही है—बेटी का अपने पीहर से गहरा लगाव। यही भाव इस गीत को राजस्थान की महिलाओं और परिवारों से भावनात्मक रूप से जोड़ता है।

‘चिरमी’ केवल विरह का गीत नहीं है, बल्कि इसमें बेटी और पिता के रिश्ते की मिठास भी दिखाई देती है। गीत में पिता की लाडली बेटी और भाई के प्रति बहन के स्नेह का चित्रण मिलता है। इस वजह से यह लोकगीत परिवार और रिश्तों की भावनाओं को भी सामने लाता है।

चिरमी पौधे के बीज छोटे और आकर्षक होते हैं और पारंपरिक संदर्भों में इनके उपयोग का भी उल्लेख मिलता है। लोकगीत में इसी पौधे को केंद्र में रखकर स्त्री अपने मन की भावनाओं को प्रकृति से जोड़ती है। यह राजस्थान की लोक परंपरा में प्रकृति और मानवीय भावनाओं के खूबसूरत मेल का उदाहरण है।

इस गीत में राजस्थान की संस्कृति, पारिवारिक रिश्तों और ग्रामीण जीवन की झलक भी मिलती है। पिता के घर की याद, भाई के आने की उम्मीद और ससुराल में बीतता समय—इन सभी भावनाओं को लोकधुन के माध्यम से व्यक्त किया गया है। यही वजह है कि चिरमी पीढ़ियों से लोक परंपरा का हिस्सा बनी हुई है।

 आज आधुनिक दौर में मनोरंजन के कई नए साधन मौजूद हैं, फिर भी ‘चिरमी’ जैसे लोकगीत राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखते हैं। यह गीत याद दिलाता है कि लोक संगीत सिर्फ धुन और शब्दों का मेल नहीं, बल्कि समाज के अनुभवों, रिश्तों और भावनाओं का दस्तावेज भी होता है।

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