GNSS RTK Technology: 5G से ट्रैक हुई सटीक लोकेशन

टेक्नोलॉजी की दुनिया में Ericsson और MediaTek ने सटीक लोकेशन ट्रैकिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दोनों कंपनियों ने कमर्शियल 5G नेटवर्क पर 3GPP आधारित GNSS Real-Time Kinematic (RTK) तकनीक का दुनिया का पहला एंड-टू-एंड टेस्ट किया। इसमें 30 सेंटीमीटर से कम की आउटडोर लोकेशन सटीकता हासिल हुई।
GNSS RTK तकनीक सामान्य GPS या GNSS से कहीं ज्यादा सटीक लोकेशन उपलब्ध कराने के लिए रियल-टाइम करेक्शन डेटा का इस्तेमाल करती है। रेफरेंस स्टेशनों से मिलने वाला करेक्शन डेटा 5G नेटवर्क के जरिए डिवाइस तक पहुंचता है, जिससे सैटेलाइट सिग्नल में होने वाली त्रुटियों और वातावरण से जुड़ी देरी को रियल टाइम में सुधारा जा सकता है।
इस टेस्ट में खास बात यह रही कि पोजिशनिंग के लिए हैंडसेट के बिल्ट-इन एंटीना का इस्तेमाल किया गया। Ericsson के अनुसार जियोडेटिक-ग्रेड एंटीना के साथ सेंटीमीटर-लेवल सटीकता हासिल की जा सकती है। यह तकनीक 3GPP Release 16 मानकों पर आधारित है, जिससे भविष्य में अलग-अलग नेटवर्क और डिवाइस के बीच इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने की संभावना बढ़ती है।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा ऑटोनॉमस सिस्टम को मिल सकता है। सेल्फ-ड्राइविंग कारों, डिलीवरी ड्रोन, औद्योगिक रोबोट और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम के लिए बेहद सटीक लोकेशन जरूरी होती है। बेहतर पोजिशनिंग से इन मशीनों को अपने आसपास की स्थिति समझने और अधिक सटीक तरीके से काम करने में मदद मिल सकती है।
भविष्य में GNSS RTK और 5G का संयोजन कृषि, ट्रांसपोर्ट, ड्रोन नेविगेशन, स्मार्ट सिटी और अन्य लोकेशन आधारित सेवाओं में भी बदलाव ला सकता है। खास बात यह है कि 5G नेटवर्क के जरिए करेक्शन डेटा को बड़े स्तर पर वितरित किया जा सकता है, जिससे हाई-प्रिसीजन लोकेशन सेवाओं को ज्यादा डिवाइस तक पहुंचाने की संभावना बनती है।
कुल मिलाकर यह उपलब्धि 5G को केवल तेज इंटरनेट नेटवर्क से आगे ले जाकर एक सटीक लोकेशन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए नेटवर्क कवरेज, डिवाइस सपोर्ट और सेवा उपलब्धता जैसे पहलुओं का विस्तार जरूरी होगा।



