यूपी में मिलावटखोरों पर योगी सरकार का शिकंजा, 18 पर FIR
उत्तर प्रदेश में मिलावटखोरी के खिलाफ योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार विशेष अभियान चला रहा है। अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों और निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान दूध, पनीर, घी, मसाले, खाद्य तेल, सॉस, जैम, जेली और अन्य खाद्य उत्पादों के नमूने जांच के लिए लिए गए। मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले या मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों को जब्त कर नष्ट कराया गया।
विभाग की कार्रवाई का फोकस सिर्फ छोटे दुकानदारों पर नहीं, बल्कि संगठित तरीके से मिलावट करने वाले और गंभीर खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में जानबूझकर मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान नकली दूध, पनीर और घी तैयार करने जैसी गतिविधियां भी सामने आई हैं। कुछ मामलों में प्रतिबंधित या अपमिश्रित सामग्री का इस्तेमाल कर खाद्य उत्पाद तैयार किए जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद संबंधित इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
सरकार की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों और सामान्य दिनों में बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों द्वारा लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना हर खाद्य कारोबारी की जिम्मेदारी है। मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



