मीठा सिर्फ ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता, गठिया का दर्द भी कर सकता है परेशान, जानें क्यों

मीठा खाना कई लोगों को पसंद होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा चीनी और added sugar का सेवन सिर्फ ब्लड शुगर के लिए चिंता का विषय नहीं है। उपलब्ध शोध में ज्यादा चीनी के सेवन को शरीर में सूजन और कई मेटाबॉलिक समस्याओं से जोड़ा गया है। गठिया से जूझ रहे कुछ लोगों में यह जोड़ों के दर्द और सूजन को बढ़ाने में भूमिका निभा सकती है।
चीनी गठिया के मरीजों के लिए क्यों बन सकती है परेशानी?
गठिया में जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन इन लक्षणों को प्रभावित कर सकती है।
ज्यादा मात्रा में added sugar लेने से शरीर में सूजन से जुड़े रास्ते सक्रिय होने की संभावना बताई गई है। इसके अलावा ज्यादा मीठा वजन बढ़ने और ब्लड शुगर से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है, जो पहले से मौजूद जोड़ों की परेशानी को संभालना मुश्किल बना सकते हैं।
रूमेटॉइड अर्थराइटिस में क्या असर हो सकता है?
रूमेटॉइड अर्थराइटिस (RA) एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ों को प्रभावित करती है। कुछ शोधों में ज्यादा मीठे या sugar-sweetened beverages के सेवन और RA से जुड़े जोखिम के बीच संबंध देखा गया है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि केवल चीनी खाने से रूमेटॉइड अर्थराइटिस हो जाता है। बीमारी के पीछे कई आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारक हो सकते हैं।
ऑस्टियोआर्थराइटिस में क्यों रखें ध्यान?
ऑस्टियोआर्थराइटिस में उम्र, वजन, पुराने चोट और जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव जैसे कई कारक महत्वपूर्ण होते हैं।
ज्यादा added sugar सीधे तौर पर हर व्यक्ति में ऑस्टियोआर्थराइटिस का दर्द बढ़ाती है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। लेकिन ज्यादा मीठा वजन बढ़ाने और शरीर में सूजन से जुड़ी स्थितियों को बढ़ावा दे सकता है। वजन बढ़ने से खासकर घुटनों और कूल्हों जैसे वजन उठाने वाले जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
गाउट के मरीजों को भी सावधान रहना चाहिए
गाउट में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा होने से अचानक तेज दर्द और सूजन हो सकती है। खासतौर पर फ्रुक्टोज से भरपूर मीठे पेय और अत्यधिक चीनी का सेवन यूरिक एसिड मेटाबॉलिज्म से जुड़ा हो सकता है।
इसलिए गाउट वाले लोगों के लिए मीठे पेय, शुगरी ड्रिंक्स और अत्यधिक added sugar को सीमित करना विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है।
किन चीजों में छिपी होती है ज्यादा चीनी?
सिर्फ मिठाई और चीनी वाली चाय-कॉफी को ही मीठे का स्रोत न समझें। कई packaged foods और drinks में भी added sugar हो सकती है।
इन चीजों का सेवन सीमित करना बेहतर है:
- मिठाई, केक और पेस्ट्री
- कैंडी और चॉकलेट
- मीठे शीतल पेय
- packaged fruit drinks
- मीठे flavored yogurt
- cookies और biscuits
- मीठे breakfast cereals
- कई processed foods
खाने की पैकिंग पर added sugar की मात्रा देखना इसकी पहचान करने का आसान तरीका है।
क्या फल भी छोड़ देने चाहिए?
नहीं। प्राकृतिक रूप से मौजूद शुगर और added sugar में अंतर है।
पूरे फल में प्राकृतिक शुगर के साथ फाइबर, विटामिन और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। इसके विपरीत मीठे पेय और कई processed foods में added sugar अधिक हो सकती है।
इसलिए गठिया या ब्लड शुगर की समस्या होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के सभी फल छोड़ देना जरूरी नहीं है।
मीठा कम करने का आसान तरीका
अगर रोजाना मीठा खाने की आदत है तो अचानक पूरी तरह बंद करने के बजाय धीरे-धीरे मात्रा कम करना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।
कुछ आसान बदलाव:
- चाय-कॉफी में चीनी धीरे-धीरे कम करें।
- शीतल पेय की जगह पानी या बिना चीनी वाले पेय लें।
- मिठाई की जगह पूरा फल चुनें।
- पैकेट वाले खाद्य पदार्थों का nutrition label पढ़ें।
- रोजाना की कुल added sugar पर नजर रखें।
- वजन नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें।
क्या गठिया में चीनी पूरी तरह बंद करनी चाहिए?
हर गठिया मरीज के लिए चीनी पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। मुख्य बात अत्यधिक added sugar और मीठे processed foods का सेवन कम करना है।
अगर मीठा खाने के बाद आपके जोड़ों का दर्द या सूजन बार-बार बढ़ता महसूस होता है, तो अपने डॉक्टर या dietitian से व्यक्तिगत आहार योजना पर चर्चा करना बेहतर रहेगा।
निष्कर्ष
ज्यादा added sugar का सेवन ब्लड शुगर बढ़ाने के अलावा शरीर में सूजन, वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। गठिया के मरीजों में इन कारकों की वजह से दर्द या बीमारी को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए मिठाई, मीठे पेय और ज्यादा added sugar वाले processed foods को सीमित करना बेहतर है। हालांकि गठिया कई प्रकार का होता है और हर मरीज पर भोजन का असर अलग हो सकता है, इसलिए लगातार दर्द या सूजन रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह किसी डॉक्टर की जांच, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। गठिया, गाउट या डायबिटीज की स्थिति में खान-पान या दवा में बड़ा बदलाव करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह लें।



