UP Property Tax: अब ई-नगर सेवा पोर्टल पर होगा पूरा काम

उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने और उससे जुड़ी सेवाओं की व्यवस्था अब बदलने जा रही है। शासन ने सभी नगरीय निकायों को संपत्ति कर से संबंधित कामकाज को ई-नगर सेवा के एकीकृत पोर्टल पर लाने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में अलग-अलग ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के बजाय एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्रदेशभर में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े कामकाज में एकरूपता आने की उम्मीद है।
ई-नगर सेवा पोर्टल पर संपत्ति कर के निर्धारण से लेकर बिल देखने और भुगतान करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे लोगों को अलग-अलग नगर निकायों की वेबसाइट या पोर्टल पर जाने की जरूरत कम होगी।
नई डिजिटल व्यवस्था में संपत्ति से जुड़े नामांतरण यानी म्यूटेशन की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे संपत्ति मालिकों को आवेदन और उसकी स्थिति की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिल सकेगी।
शासन के निर्देश के बाद नगर निकायों में मौजूद प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित रिकॉर्ड और डाटा को ई-नगर सेवा पोर्टल पर ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुराने अलग-अलग सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
एकीकृत पोर्टल लागू होने से संपत्ति कर से जुड़े डाटा को एक जगह व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। इससे प्रशासन को कर व्यवस्था की निगरानी करने और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से प्रबंधित करने में भी आसानी होगी।
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा आम नागरिकों को मिलने की उम्मीद है। प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े कई काम ऑनलाइन होने से लोगों को नगर निकाय कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और समय की बचत होगी।
ई-नगर सेवा को नगर निकायों की विभिन्न सेवाओं के लिए एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रॉपर्टी टैक्स के अलावा अन्य नागरिक सेवाओं को भी इसी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर जोर है।
एक समान ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से टैक्स प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की संभावनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, अधिकारियों के लिए भी डाटा की निगरानी और प्रबंधन आसान होगा।
यूपी सरकार का यह कदम नगर निकायों में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में प्रदेशभर के संपत्ति मालिकों के लिए ई-नगर सेवा पोर्टल प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े प्रमुख कामकाज का एकीकृत माध्यम बन सकता है।



