कारोबार
कंपनी ने TDS नहीं जमा किया, कर्मचारी को ₹3.36 लाख नोटिस से राहत
मामला Assessment Year 2019-20 का है। कर्मचारी ने अपनी आय करीब ₹18.41 लाख घोषित करते हुए ₹3.91 लाख TDS क्रेडिट का दावा किया था। लेकिन Form 26AS में सिर्फ ₹79,030 का TDS दिखाई दिया, क्योंकि नियोक्ता ने वेतन से काटी गई पूरी राशि सरकार के खाते में जमा नहीं की थी। इसके बाद ₹3.36 लाख की टैक्स डिमांड सामने आई।
कर्मचारी ने ITAT के सामने वेतन पर्ची, Form 16, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज पेश किए, जिनसे यह दिखाने की कोशिश की गई कि TDS वास्तव में वेतन से काटा गया था। ITAT मुंबई ने इन दस्तावेजों और संबंधित न्यायिक फैसलों पर विचार करते हुए कहा कि नियोक्ता द्वारा TDS काटे जाने के बाद उसे सरकार के खाते में जमा करने की जिम्मेदारी नियोक्ता की है।
ट्रिब्यूनल ने आकलन अधिकारी को ₹3.91 लाख के TDS दावे का सत्यापन कर पूरा क्रेडिट देने और उसके आधार पर टैक्स की दोबारा गणना करने का निर्देश दिया। ITAT के एक अन्य आदेश में भी कहा गया है कि नियोक्ता से TDS वसूली की कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन उसी काटी गई राशि की वसूली कर्मचारी से नहीं की जानी चाहिए।
इस मामले में Form 16, वेतन पर्ची और बैंक रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज महत्वपूर्ण साबित हुए। CBDT ने भी पहले स्पष्ट किया था कि यदि करदाता की आय से TDS काट लिया गया है लेकिन deductor ने उसे सरकार के खाते में जमा नहीं किया, तो उस आधार पर संबंधित TDS क्रेडिट की सीमा तक करदाता से मांग की वसूली नहीं की जानी चाहिए।