पाकिस्तान को 5वीं पीढ़ी का जेट मिला तो क्या होगा? IAF चीफ का जवाब

पाकिस्तान के चीन से 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट हासिल करने की संभावित योजना को लेकर भारतीय वायुसेना ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। 3 अक्टूबर 2026 को वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में IAF चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है, लेकिन इसे ऐसी स्थिति नहीं माना जा सकता जहां भारत के पास जवाब देने की क्षमता न हो।
एपी सिंह ने कहा कि किसी एक आधुनिक फाइटर जेट की क्षमता ही निर्णायक नहीं होती, बल्कि वह पूरे सैन्य सिस्टम के साथ किस तरह एकीकृत है, यह भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने पाकिस्तान के मौजूदा प्लेटफॉर्म और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ देते हुए सिस्टम इंटीग्रेशन की भूमिका पर जोर दिया।
वायुसेना प्रमुख ने भारत की 5वीं पीढ़ी की लड़ाकू क्षमता को लेकर स्वदेशी AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने संकेत दिया कि अगर AMCA या अन्य कार्यक्रमों में देरी होती है तो भारत को वैकल्पिक फाइटर प्लेटफॉर्म पर भी विचार करना पड़ सकता है।
रूस की ओर से भारत को Su-57 फाइटर जेट की पेशकश किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, एपी सिंह के अनुसार इस विकल्प को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
इसके अलावा, IAF चीफ ने बताया कि वायुसेना को अपनी लड़ाकू स्क्वाड्रन क्षमता में गिरावट रोकने के लिए आने वाले वर्षों में हर साल करीब 36 से 40 नए फाइटर विमान शामिल करने की जरूरत है। उन्होंने तेज उत्पादन और समय पर नई तकनीक को शामिल करने पर भी जोर दिया।



