
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ताजा बयान से संकेत मिला है कि वार्ता फिलहाल ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां दोनों पक्षों के लिए अतिरिक्त रियायत देना आसान नहीं है। उन्होंने समझौते को बेहद कठिन और गहन बातचीत के बाद यहां तक पहुंचा हुआ बताया।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीयर भी हाल में कह चुके हैं कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील तत्काल होने की स्थिति में नहीं है और कई मुद्दे अभी भी दोनों देशों के बीच लंबित हैं। ऐसे में समझौते को अंतिम रूप देने के लिए आगे भी बातचीत और उच्चस्तरीय प्रयासों की जरूरत होगी।
व्यापार संतुलन भी बातचीत का एक अहम मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका भारत के साथ अपने व्यापार घाटे को कम करना चाहता है, जबकि भारत अपने निर्यातकों, किसानों और घरेलू बाजार से जुड़े हितों को ध्यान में रखते हुए किसी भी समझौते पर आगे बढ़ना चाहता है।
फिलहाल इसे ट्रेड डील का पूरी तरह खत्म होना नहीं कहा जा सकता, क्योंकि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। लेकिन वित्त मंत्री के बयान से इतना जरूर संकेत मिलता है कि समझौते के अगले चरण में सहमति बनाना आसान नहीं होगा और दोनों पक्षों को लंबित मुद्दों पर समझौते का रास्ता तलाशना पड़ेगा।



