UP Police News: पुलिसकर्मियों को सौगात दे सकते हैं CM योगी, वर्दी-भत्ते में बदलाव संभव

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिसकर्मियों के लिए 21 अक्टूबर 2026 का दिन अहम हो सकता है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस विभाग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। इनमें प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की वर्दी में बदलाव, पौष्टिक आहार भत्ते में बढ़ोतरी और बदायूं में महिला पीएसी बटालियन की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान कर्तव्य निभाते हुए बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और उनके स्वजन को सम्मानित किया जाएगा।
पीएसी की वर्दी में हो सकता है बदलाव
पीएसी की वर्दी को सिविल पुलिस से अलग और विशिष्ट बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) की वर्दी के पैटर्न का अध्ययन किया गया है।
प्रस्तावित बदलाव में कैमोफ्लाज यानी छलावरण पैटर्न अपनाने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पीएसी की पहचान को अलग बनाना है। मुख्यमंत्री की ओर से पुलिस स्मृति दिवस पर इस संबंध में घोषणा किए जाने की संभावना है। हालांकि, नई वर्दी का अंतिम स्वरूप और इसे लागू करने की समयसीमा आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
पौष्टिक आहार भत्ते में बढ़ोतरी की उम्मीद
पुलिसकर्मियों के पौष्टिक आहार भत्ते में संभावित वृद्धि भी चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस भत्ते में वर्ष 2021 में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से इसमें कोई नई वृद्धि नहीं हुई है।
ऐसे में पुलिसकर्मियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार भत्ते की दरों में बदलाव का एलान करती है या नहीं। अभी बढ़ोतरी की किसी निश्चित राशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए संभावित संशोधन और लागू होने वाले वास्तविक लाभ के बीच अंतर समझना जरूरी है।
बदायूं में महिला पीएसी बटालियन पर भी नजर
पुलिस स्मृति दिवस पर बदायूं में महिला पीएसी बटालियन की स्थापना को लेकर भी घोषणा संभव है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में निर्माणाधीन महिला बटालियनों के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए थे।
महिला बटालियनों के विकास को पुलिस बल की क्षमता और महिला कर्मियों की तैनाती से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। बदायूं में प्रस्तावित बटालियन को लेकर अंतिम स्थिति मुख्यमंत्री के एलान और संबंधित विभागीय आदेशों के बाद स्पष्ट होगी। <Cite refs={[“turn614160search1″,”turn614160search0”]}/>
21 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस लाइन में मुख्य कार्यक्रम
पुलिस स्मृति दिवस का मुख्य कार्यक्रम बुधवार, 21 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम करीब 3:45 बजे कार्यक्रम में पहुंचने वाले हैं।
इस अवसर पर देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को याद किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के छह पुलिसकर्मियों को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी। इनमें ग्रेटर नोएडा में आग बुझाने के अभियान के दौरान बलिदान देने वाले फायर सर्विस चालक तीर्थपाल सिंह और फायरमैन रोहित यादव तथा जालौन के चार पुलिसकर्मी शामिल हैं।
पुलिस स्मृति दिवस क्यों मनाया जाता है?
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को उन पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए। इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में बलिदान देने वाले सीआरपीएफ के दस जवानों से जुड़ी है।
इस दिन पुलिस बल के समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया जाता है। साथ ही बलिदान देने वाले कर्मियों के परिवारों के प्रति सम्मान और सहायता की भावना व्यक्त की जाती है।
आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
पीएसी की वर्दी, पौष्टिक आहार भत्ते और महिला बटालियन से जुड़े संभावित फैसलों पर पुलिसकर्मियों की नजरें बनी हुई हैं। फिलहाल ये घोषणाएं संभावित हैं, न कि अंतिम रूप से स्वीकृत निर्णय। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और उसके बाद जारी होने वाले आधिकारिक आदेशों से ही यह स्पष्ट होगा कि किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है और उनका लाभ किन कर्मियों को मिलेगा।



