उत्तर प्रदेशलखनऊ

बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी अब हफ्ते में दो दिन फील्ड विजिट करेंगे

  • – योगी सरकार का निर्देश जितनी बिजली दे रहे हैं उतना राजस्व भी वसूल करें
  • – अक्टूबर महीने को अनुरक्षण माह के रूप में मनाने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश
  • – विद्युत कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण की होगी व्यवस्था

लखनऊ। यूपी पॉवर कारपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी भी अब हफ्ते में कम से कम दो दिन फील्ड विजिट करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन ने प्रदेश की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है बिजली सम्बन्धी कार्यो में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और इसके लिए थर्ड पार्टी से निरीक्षण कराया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चेयरमैन डॉ आशीष कुमार गोयल ने विभाग के सभी उच्चाधिकारियों को फील्ड विजिट करने के लिए कहा है। विभाग के सभी आलाधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों को उचित नेतृत्व देकर विद्युत सम्बन्धी कार्यों का बेहतर परिणाम देने के लिए निर्देशित किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आगामी अक्टूबर माह को अनुरक्षण माह के रूप में मनाने के भी निर्देश दिये गये हैं।

जितनी आपूर्ति उतने राजस्व का लक्ष्य

यूपीपीसीएल के चेयरमैन ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम जितनी बिजली दें उतना राजस्व भी वसूलें। इसके लिये प्रत्येक अधिकारी मेहनत एवं ईमानदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी विद्युत राजस्व प्राप्त करने में सफल नहीं होंगे उनकी जवाबदेही तय की जायेगी। उन्होंने बताया कि विद्युत आपूर्ति एवं उसके सापेक्ष राजस्व प्राप्त हो यह सभी के लिये शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए। उपभोक्ता को सही रीडिंग का बिल समय से मिले और उससे हम राजस्व प्राप्त करें, यह सुनिश्चित होना चाहिए।

व्यापार सम्बन्धी कार्य घरेलू कनेक्शन से न हों

डॉ आशीष कुमार गुप्ता के अनुसार प्रदेश में कॉमर्शियल कनेक्शन कम हैं अतः यह भी सुनिश्चित किया जाए कि व्यापार सम्बन्धी कार्य घरेलू कनेक्शन से न हों। उन्हें सही विधा के कनेक्शन दिये जाएं। बताया कि प्रदेश में क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर निश्चित समय सीमा में बदलना सुनिश्चित किया जाए। इसमें लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर की मरम्मत में उसका लोड चेक करने के बाद, उसे ओवर लोडेड ट्रांसफार्मर की जगह प्रतिस्थापित किया जाएगा। प्रदेश में विद्युत सम्बन्धी जो भी कार्य किये जा रहें है वे निश्चित समय सीमा में पूरे होने चाहिए। इसके लिए इस्टीमेट में प्रत्येक छोटी से बड़ी सामग्री का ध्यान रखा जाए, जिससे बाद में सामग्री की कमी न हो।

स्टोर में आवश्यक सामग्री की कमी न हो

चेयरमैन ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अक्टूबर माह को अनुरक्षण माह के रूप में मनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दें। इसके लिए जो भी आवश्यक सामग्री की जरूरत हो वो सितम्बर तक मुहैया कर ली जाए। इससे अक्टूबर में अनुरक्षण में कोई समस्या न होने पाए। उन्होंने कहा कि स्टोर एवं सामग्री प्रबन्ध से सम्बन्धित अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिष्चित करें कि विद्युत सामग्री समय से प्रीक्योर की जाये जिससे स्टोर में आवश्यक सामग्री की कमी न हो। कहा कि संविदाकर्मियों को समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि तकनीकी स्टाफ को फील्ड में तैनात किया जाए न कि उसे ऑफिस कार्यों में लगाया जाए। शक्ति भवन में सम्पन्न इस समीक्षा बैठक में प्रबन्ध निदेषक पंकज कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान डिस्काम के प्रबन्ध निदेशक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।

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