Bharat NCAP 2.0: अक्टूबर 2027 से लागू होंगे नए कार सेफ्टी नियम, जानें क्या बदलेगा

भारत में कारों की सुरक्षा जांच का तरीका जल्द और सख्त होने वाला है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि Bharat NCAP 2.0 अक्टूबर 2027 से लागू करने की योजना है। नए चरण में कार की सुरक्षा को सिर्फ क्रैश के बाद यात्रियों को मिलने वाली सुरक्षा से नहीं आंका जाएगा, बल्कि क्रैश से बचाव, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और दुर्घटना के बाद की सुरक्षा भी मूल्यांकन का हिस्सा होगी।
अक्टूबर 2027 से आएगा Bharat NCAP 2.0
भारत का मौजूदा Bharat New Car Assessment Programme 1 अक्टूबर 2023 से लागू है। MoRTH के ड्राफ्ट AIS-197 Revision 1 के मुताबिक इसका पहला चरण 30 सितंबर 2027 तक वैध है और इसके बाद दूसरे चरण के लिए नया फ्रेमवर्क प्रस्तावित है।
नितिन गडकरी ने 3 सितंबर 2026 को SIAM Annual Convention में कहा कि Bharat NCAP 2.0 के तहत अक्टूबर 2027 से वाहन की पूरी सेफ्टी चेन का मूल्यांकन किया जाएगा।
अब सिर्फ क्रैश के बाद की सुरक्षा नहीं
मौजूदा व्यवस्था में मुख्य फोकस दुर्घटना के दौरान वाहन में बैठे वयस्कों और बच्चों की सुरक्षा पर रहा है। Bharat NCAP 2.0 का दायरा इससे काफी व्यापक होगा।
ड्राफ्ट फ्रेमवर्क में कुल 100 अंकों को पांच प्रमुख हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव है:
| सेफ्टी कैटेगरी | अंक |
|---|---|
| Crash Protection | 55 |
| Vulnerable Road User Protection | 20 |
| Safe Driving Features | 10 |
| Accident Avoidance Technology | 10 |
| Post-Crash Safety | 5 |
| कुल | 100 |
इसमें Crash Protection को सबसे ज्यादा 55 अंक मिलेंगे, लेकिन पैदल यात्रियों और अन्य vulnerable road users की सुरक्षा को भी 20 अंक का बड़ा हिस्सा दिया गया है।
क्रैश टेस्ट में जुड़ेंगे नए टेस्ट
Bharat NCAP 2.0 में दुर्घटना की अलग-अलग परिस्थितियों को ज्यादा व्यापक तरीके से जांचने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित टेस्ट में शामिल हैं:
- Offset frontal impact
- Full-width frontal impact
- Mobile lateral barrier impact
- Oblique pole side impact
- Mobile rigid rear impact
इसका उद्देश्य अलग-अलग दिशाओं से होने वाली टक्करों में कार और उसके सेफ्टी सिस्टम के प्रदर्शन को ज्यादा वास्तविक तरीके से परखना है।
5-स्टार रेटिंग हासिल करना होगा मुश्किल?
नए सिस्टम में सिर्फ ज्यादा एयरबैग या मजबूत बॉडी होने से 5-स्टार रेटिंग हासिल करना आसान नहीं होगा।
प्रस्तावित स्कोरिंग के मुताबिक 2027 से 100 में कम से कम 70 अंक हासिल करने पर 5-स्टार रेटिंग का स्तर रखा जा सकता है। 2029 से यह सीमा बढ़ाकर 80 अंक करने का प्रस्ताव बताया गया है।
यानी आने वाले वर्षों में कंपनियों को कार के सेफ्टी पैकेज पर ज्यादा काम करना पड़ सकता है।
ADAS को मिलेगा ज्यादा महत्व
Bharat NCAP 2.0 में Advanced Driver Assistance Systems यानी ADAS और Accident Avoidance Technology को भी रेटिंग में जगह दी जाएगी।
इसमें ऐसी तकनीकें महत्वपूर्ण होंगी जो दुर्घटना होने से पहले ड्राइवर की मदद कर सकें। उदाहरण के तौर पर Automatic Emergency Braking जैसी तकनीकें कार को संभावित टक्कर से बचाने में मदद करती हैं।
इस बदलाव से भारतीय कार बाजार में ADAS फीचर्स का महत्व और बढ़ सकता है।
पैदल यात्रियों और दोपहिया सवारों की सुरक्षा
नए फ्रेमवर्क का एक बड़ा बदलाव Vulnerable Road Users पर ज्यादा फोकस है।
इस श्रेणी में पैदल यात्री और सड़क पर मौजूद अन्य अपेक्षाकृत असुरक्षित road users शामिल हैं। इसके लिए कुल 20 अंक प्रस्तावित हैं।
इससे कार कंपनियों को सिर्फ केबिन में बैठे लोगों की सुरक्षा के बजाय कार के बाहर मौजूद लोगों की सुरक्षा को भी डिजाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना होगा।
Curtain Airbags की भी अहम भूमिका
Bharat NCAP 2.0 के प्रस्तावित नियमों में curtain airbags को भी अधिक महत्व दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक किसी वाहन को स्टार रेटिंग हासिल करने के लिए curtain airbags को अनिवार्य आवश्यकता बनाने का प्रस्ताव है।
इससे भविष्य में नए मॉडल्स में साइड और हेड प्रोटेक्शन को लेकर कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
दुर्घटना के बाद भी होगी सुरक्षा की जांच
किसी कार की सुरक्षा सिर्फ टक्कर तक सीमित नहीं होती। दुर्घटना के बाद यात्रियों को कार से बाहर निकालना और तत्काल सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
इसी वजह से Bharat NCAP 2.0 में Post-Crash Safety के लिए 5 अंक रखे गए हैं। यानी दुर्घटना के बाद की परिस्थितियों को भी अंतिम सुरक्षा मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।
कार खरीदने वालों पर क्या पड़ेगा असर?
नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा कार खरीदने वालों को हो सकता है।
अभी कोई ग्राहक 5-स्टार रेटिंग देखकर कार को सुरक्षित मान सकता है, लेकिन भविष्य में रेटिंग ज्यादा व्यापक सुरक्षा प्रदर्शन को दर्शाएगी।
खरीदारों को यह समझने में मदद मिलेगी कि कार:
- दुर्घटना में यात्रियों की कितनी सुरक्षा करती है,
- पैदल यात्री के लिए कितनी सुरक्षित है,
- दुर्घटना से बचने में कितनी मदद करती है,
- आधुनिक ड्राइवर-assistance तकनीक कितनी प्रभावी है,
- और दुर्घटना के बाद सुरक्षा के मामले में कैसी है।
कंपनियों के लिए बढ़ेगी चुनौती
ऑटो कंपनियों के लिए Bharat NCAP 2.0 निश्चित तौर पर ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा।
कार को अच्छी रेटिंग दिलाने के लिए कंपनियों को सिर्फ crash structure मजबूत करने के बजाय active safety और passive safety दोनों पर निवेश करना होगा।
ADAS, pedestrian protection, additional crash tests और post-crash requirements के कारण वाहन के development cost पर भी असर पड़ सकता है। दूसरी तरफ, इससे भारतीय बाजार में सुरक्षित कारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
Bharat NCAP की मौजूदा व्यवस्था कितनी अहम है?
भारत सरकार ने Bharat NCAP को कारों की सुरक्षा का उपभोक्ता-केंद्रित मूल्यांकन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया था। MoRTH के अनुसार यह कार्यक्रम फिलहाल voluntary है और AIS-197 के तहत standard laboratory tests के आधार पर कारों की crash safety performance का आकलन करता है।
गडकरी ने हालिया SIAM Convention में यह भी बताया कि भारत में Bharat NCAP टेस्टिंग की लागत कुछ अंतरराष्ट्रीय विकल्पों की तुलना में काफी कम है, जिससे विदेशी वाहन निर्माता भी भारत में safety testing कराने में रुचि दिखा रहे हैं।
क्या 2027 में सभी कारों के नियम बदल जाएंगे?
यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। Bharat NCAP 2.0 का विस्तृत फ्रेमवर्क अभी प्रस्तावित/ड्राफ्ट चरण में है।
MoRTH के उपलब्ध ड्राफ्ट में दूसरे चरण के लिए अलग-अलग assessment verticals और टेस्ट प्रोटोकॉल प्रस्तावित हैं। अंतिम नियम लागू होने से पहले इनमें बदलाव संभव है।
इसलिए अभी प्रस्तावित हर टेस्ट या स्कोरिंग नियम को अंतिम कानूनी आवश्यकता मानना सही नहीं होगा।
निष्कर्ष
Bharat NCAP 2.0 अक्टूबर 2027 से भारत की कार सेफ्टी रेटिंग को नया रूप देने वाला है। नितिन गडकरी के मुताबिक दूसरे चरण में वाहन की पूरी safety chain को देखा जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में crash protection के साथ pedestrian safety, safe driving, accident avoidance और post-crash safety को भी शामिल किया जाएगा।
कार खरीदारों के लिए इसका मतलब साफ है—आने वाले समय में सिर्फ 5-स्टार रेटिंग देखना पर्याप्त नहीं होगा। यह भी देखना जरूरी होगा कि कार ने किस तरह के crash tests में कैसा प्रदर्शन किया और उसमें दुर्घटना से बचने तथा दुर्घटना के बाद सुरक्षा के लिए कौन-कौन सी तकनीक मौजूद है।
नोट: Bharat NCAP 2.0 से जुड़े कुछ आंकड़े और टेस्ट मानदंड अभी प्रस्तावित ड्राफ्ट पर आधारित हैं। अंतिम अधिसूचना के बाद नियमों में बदलाव संभव है।



