Coffin Experience Therapy: जापान में ताबूत में लेटकर मौत का एहसास, कंपनियां वसूल रहीं मोटी फीस

जापान अपने अनोखे और अलग तरह के ट्रेंड्स के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां समय-समय पर ऐसे प्रयोग सामने आते रहते हैं जो लोगों को हैरान कर देते हैं। हाल ही में जापान में एक अनोखा बिजनेस तेजी से चर्चा में है, जिसमें लोगों को ताबूत में लेटने का अनुभव कराया जाता है। हैरानी की बात यह है कि लोग इस अनुभव के लिए पैसे भी खर्च कर रहे हैं और कंपनियां इससे अच्छी कमाई कर रही हैं।
इस अनोखे अनुभव को “कॉफिन एक्सपीरियंस” या “डेथ सिमुलेशन” कहा जा रहा है। इसमें लोग लगभग 30 मिनट के लिए लकड़ी के ताबूत में लेटते हैं। इस दौरान ताबूत को बंद कर दिया जाता है ताकि व्यक्ति को ऐसा महसूस हो कि वह अपनी जिंदगी के अंतिम क्षणों में है। कई जगहों पर हल्का संगीत, ध्यान (मेडिटेशन) और जीवन पर विचार करने के लिए निर्देश भी दिए जाते हैं।
इस सेवा को देने वाली कंपनियों का दावा है कि इसका मकसद लोगों को मौत का डर दिखाना नहीं बल्कि जीवन का महत्व समझाना है। उनका कहना है कि जब व्यक्ति कुछ समय के लिए ताबूत में लेटता है, तो उसे अपने जीवन, रिश्तों और अधूरे सपनों के बारे में गहराई से सोचने का मौका मिलता है। कई लोग इसे मानसिक शांति और आत्मचिंतन का अनोखा तरीका भी मानते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अनुभव के लिए लोगों से करीब 30 मिनट के सत्र का शुल्क लिया जाता है। अलग-अलग कंपनियों में इसकी कीमत अलग हो सकती है, लेकिन आम तौर पर इसके लिए हजारों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। इसके बावजूद जापान में इस सेवा की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर उन लोगों के बीच जो तनाव भरी जिंदगी से कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड जापान की उस संस्कृति से जुड़ा है, जहां जीवन और मृत्यु को लेकर गहरी दार्शनिक सोच मौजूद है। वहीं कुछ लोग इसे अजीब और डरावना भी मानते हैं।
हालांकि आलोचनाओं के बावजूद इस अनोखे बिजनेस ने जापान में एक नई चर्चा शुरू कर दी है। कई लोगों के लिए यह सिर्फ एक अनुभव है, जबकि कुछ के लिए यह जीवन को नए नजरिए से देखने का अवसर बन गया है।



