बढ़ सकती है पैकेज्ड पानी की कीमत, लागत बढ़ने से इंडस्ट्री पर दबाव

देश में महंगाई का असर अब रोजमर्रा की जरूरतों पर साफ दिखाई देने लगा है। रसोई गैस यानी LPG की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब बोतलबंद पानी भी महंगा हो सकता है। जानकारी के मुताबिक पैकेज्ड वाटर इंडस्ट्री इन दिनों बढ़ती लागत के दबाव का सामना कर रही है, जिसके चलते कंपनियां गर्मियों से पहले पानी की बोतलों की कीमत बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय में प्लास्टिक, पैकेजिंग मटेरियल, ट्रांसपोर्टेशन और बिजली की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से उत्पादन लागत भी बढ़ गई है। यही वजह है कि कंपनियों के लिए पुराने दामों पर पानी बेचना मुश्किल होता जा रहा है।
गर्मी के मौसम में बोतलबंद पानी की मांग तेजी से बढ़ जाती है। होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल सेक्टर, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर पैकेज्ड वाटर की खपत काफी अधिक होती है। ऐसे में कंपनियां चाहती हैं कि बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए कीमतों में थोड़ा इजाफा किया जाए। इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लागत में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो 1 लीटर और 20 लीटर जार वाले पानी की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन कंपनियां बाजार की स्थिति और मांग को देखते हुए जल्द ही दाम बढ़ाने का फैसला ले सकती हैं।
उपभोक्ताओं के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है, क्योंकि पहले ही खाने-पीने की कई चीजें महंगी हो चुकी हैं। खासकर शहरों में रहने वाले लोगों के लिए पैकेज्ड पानी एक जरूरी जरूरत बन चुका है। कई जगहों पर पीने योग्य साफ पानी की उपलब्धता सीमित होने के कारण लोग बोतलबंद पानी पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर इसकी कीमत बढ़ती है तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में पैकेजिंग इंडस्ट्री और ऊर्जा लागत में सुधार नहीं हुआ तो पैकेज्ड वाटर के साथ-साथ अन्य पैकेज्ड फूड और पेय पदार्थ भी महंगे हो सकते हैं। फिलहाल गर्मियों के मौसम से पहले बाजार की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है और कंपनियां लागत और मांग के आधार पर कीमतों को लेकर अंतिम निर्णय ले सकती हैं।



