साबुन-शैम्पू और तेल हुए महंगे, डाबर-HUL ने बढ़ाए दाम; जानिए वजह

देश में एक बार फिर रोजमर्रा की इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे हैं। साबुन, शैम्पू, हेयर ऑयल और अन्य पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। प्रमुख FMCG कंपनियों जैसे Dabur और Hindustan Unilever Limited (HUL) ने अपने कई उत्पादों की कीमतों में इजाफा किया है। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की लागत में लगातार बढ़ोतरी, पैकेजिंग मटेरियल की महंगाई और परिवहन खर्च बढ़ने की वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। खासतौर पर पाम ऑयल, क्रूड ऑयल और अन्य रसायनों की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी का सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ा है।
जानकारों के मुताबिक, बीते कुछ महीनों में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी आयातित कच्चे माल को महंगा कर दिया है। कंपनियां लंबे समय तक लागत का बोझ खुद उठाती रहीं, लेकिन अब मार्जिन पर दबाव बढ़ने के कारण कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया। कुछ उत्पादों में सीधे दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि कुछ में ग्रामेज कम करके अप्रत्यक्ष रूप से कीमतों को एडजस्ट किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को समान कीमत पर कम मात्रा मिल रही है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे माल की कीमतों में राहत नहीं मिलती है तो आने वाले समय में अन्य FMCG कंपनियां भी कीमतों में संशोधन कर सकती हैं। ग्रामीण बाजार, जो पहले से ही मांग में सुस्ती झेल रहा है, इस बढ़ोतरी से और प्रभावित हो सकता है। हालांकि कंपनियां उम्मीद जता रही हैं कि त्योहारी सीजन और बढ़ती आय के साथ मांग में सुधार आएगा। फिलहाल, आम लोगों को अपने घरेलू बजट में इन बढ़ती कीमतों का समायोजन करना पड़ रहा है, जिससे महंगाई की चिंता फिर से गहराने लगी है।



