
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य टकराव का आज आठवां दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। बीती रात तेहरान से तेल अवीव की ओर कई मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद पूरे इजरायल में सायरन बज उठे और लोगों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी। इजरायली रक्षा प्रणाली आयरन डोम ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ हमलों से कई इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं। वहीं इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान से जुड़े ठिकानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पिछले आठ दिनों में दोनों देशों के बीच कई बार हवाई हमले, ड्रोन अटैक और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। इस संघर्ष के चलते पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल बन गया है और कई देश चिंता जता रहे हैं कि यह युद्ध कहीं बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में न बदल जाए। अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। इस बीच लेबनान, सीरिया और गाजा पट्टी जैसे क्षेत्रों में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे युद्ध के और फैलने की आशंका बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है, लेकिन फिलहाल हालात शांत होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो यह टकराव पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर डाल सकता है। दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाता है और क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव दोनों देशों को बातचीत की मेज पर ला पाएगा।



