आध्यात्मिक स्वरूप में लौट रहा संभल: CM योगी के प्रयासों से फिर शुरू हुई 24 कोसी परिक्रमा

उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक जिला संभल एक बार फिर अपने आध्यात्मिक स्वरूप में लौट रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से यहां वर्षों बाद पुनः 24 कोसी परिक्रमा की शुरुआत हुई है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की संस्कृतिक और सामाजिक चेतना को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है। 24 कोसी परिक्रमा सनातन परंपरा का प्रतीक है, जिसमें भक्तजन श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान के विभिन्न रूपों की आराधना करते हुए परिक्रमा पूरी करते हैं।
संभल का नाम आते ही पौराणिक मान्यताएं याद आती हैं—यह वही भूमि है जहां भविष्य में भगवान कल्कि अवतार लेने वाले हैं। ऐसे में इस पवित्र नगरी में परिक्रमा का आयोजन होना न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि यह क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इसके लिए प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की और सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा, चिकित्सा और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही स्थानीय कलाकारों और संत-महात्माओं की भागीदारी ने इस आयोजन को और भव्य बना दिया है। सरकार के इस निर्णय से संभल में धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ़ी हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है।
संभल की यह परिक्रमा अब एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुकी है। योगी सरकार का यह प्रयास सनातन परंपराओं को पुनर्जीवित करने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी धार्मिक विरासत से जोड़ने की दिशा में अत्यंत सराहनीय कदम है। उत्तर प्रदेश के लोग इसे एक आस्था पर्व के रूप में देख रहे हैं, जिसने संभल को एक बार फिर धर्म, संस्कृति और अध्यात्म की भूमि के रूप में प्रतिष्ठित कर दिया है।



