यूपी में RTE के पहले चरण में 96 हजार बच्चों को मिला दाखिला, प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा

उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया में 96 हजार से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा के लिए सीट आवंटित की गई है। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित की जाती हैं। इस योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को अपने बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाने का अवसर मिला है। पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित बच्चों के अभिभावकों को निर्धारित समयसीमा में स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करना होगा। शिक्षा विभाग द्वारा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया गया, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो सके। अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को लाभ मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच शैक्षणिक असमानता कम होगी। सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा के अधिकार को मजबूत करती है, बल्कि प्रदेश में सशक्त और शिक्षित भविष्य की नींव भी रखती है।



