पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। इस बीच गृहमंत्री अमित शाह ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि उनके राज्य में अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की तुरंत पहचान कर, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें वापस भेजा जाए।
सभी राज्यों को निर्देश
गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उनके यहां रह रहे विदेशी नागरिकों की पृष्ठभूमि की पूरी तरह से जांच की जाए। विशेष रूप से वे लोग जो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं या जिनके दस्तावेज़ अधूरे हैं, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
इस निर्देश के बाद खुफिया एजेंसियों, राज्यों की पुलिस और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आईबी, एनआईए और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों को देश के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश मिले हैं।
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राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
अमित शाह के इस बयान पर राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ दल इसे देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे विशेष समुदाय के खिलाफ किया गया भेदभावपूर्ण निर्णय कह रहे हैं।
केंद्र सरकार का स्पष्ट रुख
सरकार का मानना है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सिर्फ सीमाओं पर ही नहीं, देश के भीतर भी सख्त कदम उठाने होंगे। अवैध रूप से देश में रह रहे विदेशी नागरिकों को चिन्हित कर वापस भेजना इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है।



