सीएम योगी आदित्यनाथ का तीखा प्रहार: मनरेगा में भ्रष्टाचार, वीबी जीरामजी बनेगा विकास का मील का पत्थर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा बनाम वीबी जीरामजी योजना को लेकर बड़ा और स्पष्ट बयान देते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया है। सीएम योगी ने कहा कि पहले मनरेगा के नाम पर डाका डाला गया, गरीबों के हक का पैसा बिचौलियों और भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ गया, जबकि आज उनकी सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थायी विकास को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को रोजगार देना था, लेकिन पहले यह योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी, जिसमें फर्जी जॉब कार्ड, बिना काम भुगतान और कागजों पर विकास दिखाया जाता था। उन्होंने कहा कि अब समय बदल चुका है और उत्तर प्रदेश में विकास की नई सोच के साथ वीबी जीरामजी जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जो केवल तात्कालिक राहत नहीं बल्कि दीर्घकालिक समाधान प्रस्तुत करती हैं। सीएम योगी ने यह भी कहा कि वीबी जीरामजी योजना के माध्यम से गांवों में बुनियादी ढांचे, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, जिससे लोगों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य मुफ्तखोरी नहीं, बल्कि लोगों को सक्षम बनाना है ताकि वे अपने पैरों पर खड़े होकर प्रदेश और देश के विकास में भागीदार बन सकें। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग वर्षों तक सत्ता में रहकर गरीबों के नाम पर राजनीति करते रहे, वही आज विकास कार्यों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वीबी जीरामजी योजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास का मील का पत्थर साबित होगी और इससे रोजगार, उत्पादन तथा सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी। सीएम योगी के इस बयान को प्रदेश की विकास नीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां योजनाओं का मूल्यांकन अब केवल खर्च से नहीं, बल्कि उनके वास्तविक परिणाम और जनता के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन से किया जाएगा।



