सीएम योगी ने जनजाति भागीदारी उत्सव का किया शुभारंभ | बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में ‘जनजाति भागीदारी उत्सव’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘जनजाति गौरव दिवस’ के नायक भगवान बिरसा मुंडा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि, विद्यार्थी और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा न केवल स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा थे, बल्कि वे आदिवासी अस्मिता और आत्मसम्मान के प्रतीक भी हैं।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जनजातीय समाज के गौरव को पुनर्स्थापित किया जा रहा है। पहले जहां जनजातीय समाज को मुख्यधारा से दूर रखा गया था, वहीं आज उन्हें शासन, शिक्षा, रोजगार और विकास की योजनाओं में समान भागीदारी दी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार भी इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है ताकि राज्य के सभी आदिवासी समुदाय आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ आवाज उठाकर देश को आत्मसम्मान की भावना से जोड़ा था। उन्होंने समाज में एकता, साहस और स्वतंत्रता का संदेश दिया। आज उनके आदर्श युवाओं को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने जनजातीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की और जनजातीय उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति हमारी भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और इसे संरक्षित करना हमारा दायित्व है।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार जनजातीय बहुल इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में जनजातीय छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
अंत में सीएम योगी ने कहा, “भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हमें यह सिखाता है कि देश की सेवा और समाज का उत्थान किसी भी व्यक्ति का सबसे बड़ा धर्म है। उत्तर प्रदेश सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए निरंतर समर्पित रहेगी।”



