CM योगी का बयान: बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर विवादित ढांचे को लेकर फिर राजनीति गरमाई

बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय इतिहास में खास महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि अयोध्या से जुड़ा वह विवादित ढांचा सिर्फ एक इमारत नहीं था, बल्कि उससे जुड़ा मुद्दा देश की आस्था, संस्कृति और पहचान से जुड़ा हुआ था। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है और राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का सिलसिला तेज हो गया है।
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या का मामला वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया में रहा और समाज में तनाव का कारण बना रहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लंबे समय तक चले कानूनी संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, जिसे सभी पक्षों ने स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ और आज अयोध्या में भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है।
सीएम योगी ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश को आगे बढ़ने के लिए अतीत के विवादों से सीख लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह संदेश दिया कि अब समय सौहार्द, विकास और एकता का है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने, विकास कार्यों को गति देने और सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की है।
इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे बयान समाज को बांटने वाले हैं और इससे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। वहीं, भाजपा समर्थकों का कहना है कि सीएम योगी ने ऐतिहासिक तथ्यों और न्यायिक निर्णयों के आधार पर अपनी बात रखी है और इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।
बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी हर साल देश में अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को जन्म देती है। कहीं इसे दुखद घटना के रूप में याद किया जाता है तो कहीं इसे संघर्ष और आस्था की जीत के रूप में देखा जाता है। सीएम योगी के ताजा बयान ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है, लेकिन साथ ही उन्होंने आगे बढ़ने और विकास पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश भी देने की कोशिश की है।



