दिशा सालियान की मौत मामले में आखिरकार आदित्य ठाकरे को क्लीन चिट मिल गई है। इस फैसले के बाद शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें “जनता और आदित्य ठाकरे से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।”
संजय राउत ने आरोप लगाया कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक साजिश था, जिसे ठाकरे परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए उछाला गया। उन्होंने कहा, “अब जब जांच एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आदित्य ठाकरे का कोई संबंध नहीं है, तो जिन्होंने झूठ फैलाया उन्हें जवाब देना चाहिए।”
राउत ने फडणवीस पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस केस को मीडिया ट्रायल का हिस्सा बना दिया। महाराष्ट्र की राजनीति में इस बयान के बाद एक बार फिर ठाकरे बनाम फडणवीस टकराव की गर्मी बढ़ गई है।
2020 में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत को लेकर काफी विवाद उठा था। दिशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के कुछ ही दिनों बाद सुशांत की भी मृत्यु हो गई थी। इन दोनों मामलों को जोड़कर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई षड्यंत्र की कहानियां फैलाई गईं।
भाजपा नेताओं और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने आदित्य ठाकरे का नाम भी इसमें घसीटा, जिस पर शिवसेना ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
हाल ही में जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि दिशा सालियान की मौत में आदित्य ठाकरे का कोई संबंध नहीं पाया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला दुर्घटनावश हुई मौत (accidental death) था और इसमें किसी प्रकार की साजिश या राजनीतिक हस्तक्षेप के प्रमाण नहीं मिले।
इस क्लीन चिट के बाद संजय राउत ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा:
“आदित्य ठाकरे को बेवजह बदनाम करने की साजिश रची गई। फडणवीस और भाजपा ने झूठ का महल खड़ा किया, अब जब सच सामने आ गया है तो उन्हें माफी मांगनी ही चाहिए।”
राउत ने फडणवीस को याद दिलाया कि उन्होंने इस मुद्दे पर विधानसभा से लेकर टीवी चैनलों तक आदित्य ठाकरे पर सीधे आरोप लगाए थे, जो अब झूठ साबित हुए हैं।



