
शहरों में स्वच्छता को लेकर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग जिम्मेदारी निभाने के बजाय अजीबो-गरीब तरीके अपनाते नजर आते हैं। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया, जहां एक शख्स ने नगर निगम की कचरा उठाने की फीस बचाने के लिए अपने पालतू कुत्ते का इस्तेमाल कचरा फेंकने के लिए किया। वह रोजाना घर का कचरा एक थैले में भरकर कुत्ते के गले में बांध देता था और उसे खुले मैदान या सड़क किनारे छोड़ देता था। कुत्ता इधर-उधर घूमता और आखिरकार थैला किसी सार्वजनिक स्थान पर गिर जाता। मालिक को लगा कि इस तरह वह सफाई शुल्क से बच जाएगा और किसी को भनक भी नहीं लगेगी, लेकिन उसकी यह चालाकी ज्यादा दिन तक छिप नहीं पाई।
पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि किस तरह व्यक्ति कचरे से भरा बैग अपने कुत्ते के साथ बाहर भेजता है। नगर निगम अधिकारियों ने जब आसपास गंदगी की शिकायतों के आधार पर फुटेज खंगाली, तो सच्चाई सामने आ गई। इसके बाद संबंधित व्यक्ति की पहचान कर उसे नोटिस भेजा गया। जांच के बाद उस पर भारी जुर्माना लगाया गया और भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न करने की सख्त चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि यह न सिर्फ सफाई नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पशु के साथ भी अन्याय है, क्योंकि कुत्ते को इस तरह इस्तेमाल करना पशु क्रूरता की श्रेणी में आ सकता है।
नगर निगम ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालें और डोर-टू-डोर कलेक्शन सेवा का उपयोग करें। शहर में जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरे स्वच्छता नियमों के पालन के लिए निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। यह मामला एक उदाहरण बन गया है कि छोटी सी बचत के लालच में किया गया गलत कदम कैसे बड़ी आर्थिक और सामाजिक कीमत बन सकता है। साथ ही यह भी संदेश देता है कि कानून और तकनीक के इस दौर में लापरवाही या चालाकी ज्यादा दिन छिप नहीं सकती।



