
सोशल मीडिया के दौर में जननेताओं की लोकप्रियता का एक बड़ा पैमाना उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स की संख्या भी बन गया है। इसी कड़ी में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है। वह इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) फॉलोअर्स का आंकड़ा पार करने वाले दुनिया के पहले राजनेता बन गए हैं। यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि भारत की डिजिटल ताकत और सोशल मीडिया पर बढ़ती राजनीतिक भागीदारी को भी रेखांकित करती है। पीएम मोदी लंबे समय से सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग करते रहे हैं। वह अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर देश-विदेश की यात्राओं, सरकारी योजनाओं, युवा संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और व्यक्तिगत झलकियों से जुड़े पोस्ट साझा करते हैं। उनकी पोस्ट में भारत की विविधता, परंपरा, तकनीकी प्रगति और वैश्विक मंच पर देश की भूमिका का प्रतिबिंब साफ दिखाई देता है। यही कारण है कि युवा वर्ग से लेकर प्रवासी भारतीयों तक, बड़ी संख्या में लोग उनसे डिजिटल रूप से जुड़े हुए हैं।
पीएम मोदी की सोशल मीडिया रणनीति उन्हें अन्य वैश्विक नेताओं से अलग बनाती है। जहां कई नेता केवल औपचारिक संदेश साझा करते हैं, वहीं मोदी अपने अकाउंट के जरिए भावनात्मक जुड़ाव भी स्थापित करते हैं। चाहे त्योहारों की शुभकामनाएं हों, खिलाड़ियों को बधाई देना हो या किसी प्रेरणादायक कहानी को साझा करना—हर पोस्ट में संवाद का तत्व नजर आता है। यही कारण है कि इंस्टाग्राम जैसे विजुअल प्लेटफॉर्म पर उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई। डिजिटल इंडिया अभियान के बाद देश में इंटरनेट और स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की संख्या में तेज वृद्धि हुई है, जिसका सकारात्मक असर राजनीतिक संवाद पर भी पड़ा है।
100 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा केवल एक संख्या नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति में भारत की डिजिटल उपस्थिति का प्रतीक है। इससे पहले भी पीएम मोदी ट्विटर (अब एक्स) और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर शीर्ष नेताओं में शामिल रहे हैं। इंस्टाग्राम पर यह उपलब्धि उन्हें विश्व राजनीति में डिजिटल प्रभाव के शिखर पर स्थापित करती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में चुनावी रणनीति, जनसंपर्क और नीतिगत संवाद में सोशल मीडिया की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी, और इस क्षेत्र में पीएम मोदी का मॉडल अन्य नेताओं के लिए अध्ययन का विषय बन सकता है।



