
उत्तर प्रदेश में नशे और नकली दवाओं पर सख्त कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने राज्य के हर जिले में ड्रग कंट्रोल अफसर (Drug Control Officer) की तैनाती के नए पद सृजित करने का आदेश जारी किया है। इस निर्णय का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी को मजबूत करना और राज्य में चल रही अवैध दवा बिक्री पर पूर्ण विराम लगाना है।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक जिले में ड्रग कंट्रोल अफसरों की नियुक्ति जल्द से जल्द की जाए ताकि दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा सके और नकली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई की जा सके। इस कदम से स्वास्थ्य विभाग को ज़मीनी स्तर पर काफी मजबूती मिलेगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में फार्मेसी, मेडिकल स्टोर और दवा कंपनियों की नियमित जांच की जाएगी। अगर किसी भी स्थान पर नकली, एक्सपायरी या बिना लाइसेंस की दवाओं की बिक्री पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ड्रग कंट्रोल अफसरों की तैनाती से न केवल दवा उद्योग पर निगरानी बढ़ेगी, बल्कि अवैध नशे के कारोबार पर भी लगाम लगेगी। इसके अलावा यह व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाने में भी मददगार साबित होगी।
जानकारों का कहना है कि यह निर्णय यूपी सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के संकल्प को दर्शाता है। अब तक कई जिलों में ड्रग कंट्रोल अफसरों की कमी के कारण जांच और निगरानी कमजोर थी, लेकिन नए पद सृजित होने के बाद स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
योगी सरकार का यह कदम जनता के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है, जिससे प्रदेश में दवा कारोबार से जुड़ी अनियमितताओं पर लगाम लगने की पूरी संभावना है।



