
गुजरात के राजकोट जिले में भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। बीते 11 घंटों के भीतर धरती कुल सात बार डोली, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। देर रात से शुरू हुए इन झटकों के कारण लोग घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों में शरण ली। भूकंप की तीव्रता हल्की से मध्यम दर्ज की गई, लेकिन लगातार झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एहतियातन जिले के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह क्षेत्र भूकंपीय रूप से संवेदनशील माना जाता है, जहां समय-समय पर हल्के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। हालांकि, किसी बड़े नुकसान या जनहानि की अब तक कोई सूचना नहीं है, फिर भी प्रशासन ने एहतियाती कदमों के तहत अस्पतालों, दमकल विभाग और राहत एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। कई इलाकों में इमारतों में दरारें आने की शिकायतें सामने आई हैं, जिनका सर्वे किया जा रहा है। लोग रात भर जागकर हालात पर नजर रखते रहे और सोशल मीडिया पर भी झटकों को लेकर चर्चाएं तेज रहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि आफ्टरशॉक्स की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन ने भूकंप के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को मजबूत मेज या संरचना के नीचे शरण लेने, लिफ्ट का इस्तेमाल न करने और खुले स्थानों में जाने की सलाह दी गई है। राजकोट में भूकंप के लगातार झटकों ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन की तैयारियों और भवनों की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में प्रशासन द्वारा स्थिति की समीक्षा कर आगे के कदम तय किए जाएंगे, जबकि आम जनता से संयम और सतर्कता बनाए रखने की अपील की गई है।



