
खाड़ी क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दौरा काफी अहम माना जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात लगातार बदल रहे हैं और भारत के आर्थिक, ऊर्जा तथा सामरिक हित सीधे तौर पर इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। जनरल उपेंद्र द्विवेदी के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और UAE के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करना, क्षेत्रीय सुरक्षा पर साझा दृष्टिकोण विकसित करना तथा आतंकवाद-रोधी सहयोग, रक्षा प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यासों पर चर्चा करना है। UAE भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। इस यात्रा के दौरान थलसेना प्रमुख UAE के शीर्ष सैन्य नेतृत्व से मुलाकात करेंगे, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, साइबर और हाइब्रिड वॉरफेयर जैसे नए खतरों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। इसके अलावा, दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने, आधुनिक सैन्य तकनीक, रक्षा उद्योग सहयोग और भविष्य के संयुक्त सैन्य अभ्यासों की रूपरेखा पर भी चर्चा की जाएगी। खाड़ी क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वैश्विक तेल आपूर्ति, व्यापारिक मार्गों और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर पड़ता है, ऐसे में भारत के लिए यह जरूरी है कि वह अपने मित्र देशों के साथ लगातार संवाद बनाए रखे। जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह दौरा भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है। कुल मिलाकर, यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को नई मजबूती देगी, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और भरोसे को भी और सशक्त करेगी।



