
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में टायफाइड के मामलों को लेकर प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि इस बीमारी से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बढ़ते टायफाइड मामलों को गंभीरता से लेते हुए अमित शाह ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टायफाइड एक ऐसी बीमारी है, जो साफ पानी, स्वच्छता और समय पर इलाज से पूरी तरह रोकी जा सकती है, इसलिए इसकी रोकथाम में किसी भी तरह की लापरवाही जनजीवन के लिए खतरा बन सकती है।
अमित शाह ने अधिकारियों से कहा कि सबसे पहले टायफाइड के मामलों की सटीक पहचान की जाए और प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच, जल आपूर्ति लाइनों की मरम्मत, सीवरेज सिस्टम की सफाई और खुले में गंदगी को तत्काल हटाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाए और मोबाइल हेल्थ यूनिट्स के माध्यम से लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं।
केंद्रीय मंत्री ने जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को टायफाइड के लक्षण, बचाव के उपाय और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके लिए स्कूलों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। अमित शाह ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि रोजाना की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए और किसी भी स्तर पर समस्या सामने आने पर तुरंत समाधान किया जाए।
उन्होंने अंत में कहा कि प्रशासन का लक्ष्य सिर्फ बीमारी पर काबू पाना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी और मजबूत व्यवस्था तैयार करना होना चाहिए। अमित शाह के इन सख्त निर्देशों के बाद गांधीनगर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में टायफाइड के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जाएगा।



