
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा भारत पर लगाए गए झूठे और बेबुनियाद आरोपों पर भारत ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की पुरानी आदत है कि जब भी वह आंतरिक संकट में घिरता है, तो ध्यान भटकाने के लिए भारत को निशाना बनाता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान को अपने आंतरिक मामलों और आतंकवाद के प्रसार पर ध्यान देना चाहिए, न कि दूसरों पर आरोप लगाने की राजनीति करनी चाहिए।
भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान का यह आरोप न केवल निराधार है बल्कि यह उसके खुद के असफल शासन और आर्थिक संकट से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि “पाकिस्तान पहले अपनी जमीन से आतंकवादी ढांचे को खत्म करे और वहां हो रही हिंसा पर नियंत्रण करे, फिर दूसरों को उपदेश देने की स्थिति में आए।”
दरअसल, हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत पर क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह रणनीति केवल आंतरिक असंतोष को दबाने और वैश्विक समर्थन हासिल करने का प्रयास है। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बदहाल है, महंगाई और बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर हैं, ऐसे में जनता का ध्यान भटकाने के लिए सरकार इस तरह के बयान दे रही है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वह पाकिस्तान के इन झूठे दावों पर ध्यान न दे, क्योंकि हकीकत यह है कि भारत हमेशा से क्षेत्र में शांति और स्थिरता का पक्षधर रहा है। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सख्त नीति अपनाई है और दुनिया भी इसे मान्यता दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह बयान न केवल पाकिस्तान के झूठ को उजागर करता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि नई दिल्ली अब किसी भी गलत आरोप पर चुप रहने के बजाय ठोस जवाब देने की नीति पर आगे बढ़ रही है। इससे यह संदेश भी गया है कि भारत अब हर स्तर पर अपनी राष्ट्रीय छवि और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।



