भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026: यूपी में 13 दिनों तक दिखेगा भारत और नेपाल की दोस्ती का रंग, 16 फरवरी से होगा आगाज

भारत और नेपाल के सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से 16 फरवरी से उत्तर प्रदेश में भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026 का भव्य आगाज होने जा रहा है। 13 दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव दोनों देशों की साझा विरासत, परंपराओं, कला, खानपान, लोक संगीत और धार्मिक जुड़ाव की अनूठी झलक पेश करेगा। उत्तर प्रदेश और नेपाल के बीच खुली सीमा, रोटी-बेटी के रिश्ते और तीर्थ परंपराएं हमेशा से लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती रही हैं, और यही भावना इस आयोजन का मूल आधार है। महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक दल लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां देंगे, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगेगी, वहीं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष सत्र और संवाद भी आयोजित किए जाएंगे।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ उत्सव मनाना नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को यह बताना भी है कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रिश्ते कितने गहरे हैं। धार्मिक दृष्टि से वाराणसी और जनकपुर जैसे शहरों का आपसी संबंध आस्था की डोर से बंधा है, जिसे महोत्सव के दौरान विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। आयोजन में दोनों देशों के कलाकार, विद्वान, पर्यटन विशेषज्ञ और व्यापारी भाग लेंगे, जिससे सांस्कृतिक के साथ-साथ आर्थिक सहयोग के नए रास्ते भी खुलने की उम्मीद है। सीमा से जुड़े जिलों में विशेष कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह उत्सव जन-जन का उत्सव बन सके।
सरकारी स्तर पर भी इस महोत्सव को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे द्विपक्षीय संबंधों में गर्मजोशी और बढ़ेगी। स्कूल-कॉलेजों के छात्रों के लिए क्विज, सेमिनार और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं रखी जाएंगी, जिससे नई पीढ़ी साझा इतिहास और परंपराओं को समझ सके। कुल मिलाकर, 16 फरवरी से शुरू होने वाला यह 13 दिवसीय आयोजन दोस्ती, सहयोग और सांस्कृतिक एकता का ऐसा रंग बिखेरेगा, जो आने वाले वर्षों तक भारत और नेपाल के रिश्तों को नई ऊर्जा देता रहेगा।



