
IndiGo एयरलाइंस में हाल के दिनों में आई तकनीकी और परिचालन समस्याओं का असर देशभर के हवाई अड्डों पर देखने को मिला। बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी इस संकट का प्रभाव स्पष्ट नजर आया। अच्छी खबर यह रही कि पहले के मुकाबले एयरपोर्ट टर्मिनल पर यात्रियों की भीड़ में कमी देखी गई, जिससे चेक-इन काउंटर और सुरक्षा जांच पर हालात काफी हद तक सामान्य रहे। हालांकि, एक बड़ी समस्या अब भी यात्रियों के लिए सिरदर्द बनी रही और वह थी लगेज यानी सामान की वापसी।
कई उड़ानों के रद्द या देरी से संचालित होने के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा। जिन यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द की या जिनकी फ्लाइट कैंसिल हुई, उन्हें अपना चेक-इन किया हुआ सामान वापस पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों का कहना था कि बैगेज बेल्ट पर सामान आने में कई-कई घंटे लग गए, जबकि कुछ यात्रियों को अलग-अलग काउंटरों के चक्कर काटने पड़े। इस अव्यवस्था के कारण बुजुर्ग यात्रियों, बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों और दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों को खास तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, IndiGo और एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से यह दावा किया गया कि स्थिति पर धीरे-धीरे नियंत्रण पाया जा रहा है। एयरपोर्ट पर अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई और यात्रियों को जानकारी देने के लिए हेल्प डेस्क को सक्रिय रखा गया। बावजूद इसके, कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लगेज मैनेजमेंट पूरी तरह से विफल रहा। उनका आरोप था कि न तो स्पष्ट निर्देश दिए गए और न ही समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराई गई।
एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति में एयरलाइंस को यात्रियों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखना चाहिए। उड़ान रद्द होने जैसी स्थिति में सबसे बड़ी प्राथमिकता यात्रियों के सामान की सुरक्षित और त्वरित वापसी होनी चाहिए। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर मौजूद हालात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारी एविएशन व्यवस्था बड़े पैमाने की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कुल मिलाकर, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भीड़ कम होना राहत की बात जरूर है, लेकिन लगेज से जुड़ी परेशानी ने IndiGo संकट के दौरान यात्रियों के अनुभव को कड़वा बना दिया। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रबंधन को मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।



